ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
फिर भी हम अन रिश्तो को पाने के खातिर पूरे उमर जी जाते हा..
जब कम लगती हा ये ज़िंदगी तो हम
खुदा से एक और ज़िंदगी माँग लेते हे..
ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
उलझे रहते हे हम उन रिश्तो में
जिनके लकीरे हमारे हाथो में नही होती
फिर भी बनाने को उन लकीरो को
खुदा से हर रोज़ एक नये लकीर की दुआ करते हे
ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा................
nice one......
ReplyDeletesach me ज़िंदगी में कुछ रिश्ते अक्सर छूट जाते हा.
nice poem..:)
ReplyDeletehmmm very true......nice one....
ReplyDeleteHey nice one dude :)
ReplyDeleteBahut hi badhiya!!!!!
ReplyDeleteIts true....
ReplyDeleteIts happened with me! :)